बुधवार, 27 मार्च 2019

कुतिया का गंगा स्नान

#कुतिया_का_गंगा_स्नान!!
हमाये यहां भोत पुरानी कहावत है "सब कुतियाँ गंगा नहा आएं तो पत्तल कौन चाटेगी"
अब पत्तल चाटना तो हर कुतिया का मूल स्वभाव है, चाहे देशी हो, विदेशी हो, या वर्णसंकर..... पत्तल चाटेगी
वो गली की आवारा हो, AC कार में घूमने वाली हो, पेडिग्री खाने वाली हो...... जैसे ही मौका मिलेगा पत्तल पर लपर लपर जीभ मारेगी ही मारेगी....... ये तो कुतियापे वाली बात हुई पर बड़ा सवाल जे है के कुतिया गंगा काहे नहाएगी..... BC कुतिया का गंगा स्नान से का वास्ता!
कुतिया को तो सुख नाली में लोट मार कर मिलता है वहां उसे #सुअरों_का_सानिध्य प्राप्त होता है, सुअरों में संदेश जाता है के भाई है तो कुतिया पर हमारे संस्कारों के लिए कितना सम्मान है इसके मन में...... और सारे सुअर कुतिया के लिए समर्थन और प्रेम से भर उठते हैं!
कुतिया इलाकाई वर्चस्व बनाये रखने को विभिन्न जबरे कुत्तों को अपना सानिध्य देती है
उन्ह सूंघने का अवसर देती है....... फिर कुत्ते उसके और उसके पिल्लों के सुरक्षित भविष्य के लिए लकड़बग्घों और शेरुओं से भी भीड़ जाते हैं...... कुछ ससुरों को तो सूंघना तक नसीब नहीं होता खाली दूर से उछाले #फ़्लाइंग_चुम्मा में ही पिघल जाते हैं.......!
खैर ये तो कुतिया का बेसिक मूल है पर सवाल तो वही है..... के ई दारीझार कुतिया गंगा काहे नहाना चाहती है भाई????
हमने गूगल किया, गुणी जनों से बतियाये पर इस संबंध में कोई वैध अथवा अवैध जानकारी नहीं जुटा पाए...... फिर हमने लिया रिसर्च का निर्णय तो हमको बड़ा चौकाने वाले परिणाम सामने आए......!
1. जब कुतिया को गांव के लोगों द्वारा अस्वीकार कर GPL मारी जाती है तो उसको अपने पिल्ले पिल्ली के भविष्य की चिंता सताती है...... इस लिए वो गंगा स्नान को जाती है।
2. जब कुतिया का लेहड़ी साथी गांव के चारा, अनाज स्टॉक पर हग मूत देता है और इसके फल स्वरूप गांव का चौकीदार कुत्ते के पिछवाड़े में पेट्रोल लगा देता है..... तो खुद को चौकीदार जैसा पवित्र और अपने कुत्ते को पीड़ित दिखाने को कुतिया को गंगा स्नान आचमन करना पड़ता है।
3. गांव वाले कुतिया एंड फैमिली को रोटी इस लिए डालते थे के वो उनके घर खेत खलिहान की रखवाली करेगी पर जब कुतिया एंड फैमिली ने अपना ड्यूटी भूल गांव वालों की हड़िया में ही मुंह मरना सुरुं कर दिया लोगों ने उन्ह रोटी डालना बंद कर रखवाली को चौकीदार रख लिया..... अतः कुतिया ने गंगा स्नान कर खुद को संस्कारी बता गांव वालों की आंख में मिर्च झोंक पुनः रोटी हासिल करने का निर्णय लिया!
4. चूँकि चौकीदार का संबंध गंगा स्नान से है अतः कुतिया को भी लगता है के गंगा स्नान करने से गांव वालों का भरोसा जीता जा सकता है.....!
खैर इसपर अभी और रिसर्च करने के बाद हम JNU में एडमिशन लेंगे और डॉक्टरेट हासिल करेंगे...... सब इंहा तुमको थोड़े न बता देंगे!
आप चाहें तो कुतिया के गंगा नहाने पर रिसर्च करने वाले पहले व्यक्ति के तौर पर हमको याद रख सकते है....... बाकी तो जो है सो हइये ही!!
नोट : ये पोस्ट एक प्रचलित कहावत पर हमरी रिसर्च मात्र है इसका कौनों नेता, नेताईन और उसकी गंगा यात्रा से कौनों वैध अथवा अवैध संबंध नहीं है.......
वैसे हम कछु कह दें जोड़ तो आप लोग लोगे ही
लेखक :  अजय सिंह