रविवार, 24 मार्च 2019

अस्तित्व का संघर्ष । राष्ट्रवाद बनाम वंशवाद

अस्तित्व का संघर्ष करने वालों को दो समूहो मे बाटा जा सकता है...!
पहला समूह राष्ट्रवाद के समर्थकों का है,जो अपनी विचारधारा के रक्षण के अतिरिक्त देश की संस्कृति और सभ्यता को भी अपनी सकारात्मक सोच के साथ पल्लवित करते रहते हैं...!
दूसरा समूह उनका है जो अपनी वंशवाद की विचारधारा का समर्थन करते हुये अपने निजी स्वार्थ के लिये जयचंद बनने मे भी लज्जित नही होते हैं,इनके लिये देश,देश की संस्कृति,सभ्यता और अखंडता का कोई मोल नही है...!
२०१९ का संग्राम इन्ही दोनो विचारधाराओं के मध्य हो रहा है...!
इस समर को कोई भी नाम दिया जा सकता है...!
आम चुनाव के परिणाम को कांग्रेस के नेतृत्व मे विपक्ष बखूबी जान चुका है,तभी तो
जब...प्रशांत किशोर-फेल
फेल...फर्जी आंदोलन -
फेल...शहरी नक्सली-
फेल...कैम्ब्रिज एनालिटिका-
फेल...राफेल राग
फेल...पाकिस्तान से मदद-
फेल...चाइना से सहायता-
फेल...झूठे आरोप-
फेल...मोदी को गाली-
फेल...पप्पू
फेल...प्रियंका
फेल....गठबंधन
फेल....जब इतने मोहरे,इतने षडयन्त्र फेल हो गये तो कांग्रेस ने निकाला चौकीदार चोर है...!
झूम झूम कर नारे किराये के ट्टूओं से लगवाये गये...लेकिन जब देश की जनता के आत्म सम्मान पर चोर शब्द ने चोट किया तो जनता ने भी पलट कर कहा कि मै भी चौकीदार हूं,अब कहो कौन चोर है...?
तो कांग्रेस का ही नही,बल्कि जकात के कटोरे और फादरजी के सफेद चोंगे का मुंह भी भकुआ की तरह खुला रह गया...!
मुंह भभाने लगा...!
चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी...!
पेशानी पसीने से भीग गईं...!
कि अब...?
अब क्या किया जाय...?
सदियों से सोने वाली कौम की इतनी जागरूक हो गई है...!
इतनी जबरदस्त प्रतिक्रिया दे सकती है...!
जनता का एक स्वर मे मोदी का समर्थन करना ही कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को विक्षिप्त कर दिया है...!
वे बौखला गयें है...!
पागल हो चुके है...!
बदहवास हो कर कभी सेना को गाली दे रहे है...!
कभी शहीदों का अपमान कर रहे है...!
कभी २६/११ जैसे आतंकी हमलो को समर्थन दे रहे है...!
कभी उरी,पठानकोट और कभी पुलवामा हमले पर पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे है...!
तो कभी सर्जिकल स्ट्राइक,एयर स्ट्राइक पर सबूत मांग रहे है...!
कुछ नही मिल रहा है तो मोदी के वंश को ही गाली दे रहे हैं...!
मेरे कई बुद्धिजीवी मित्र इसे चोंगे और गोल टोपी के वोट के लिये कांग्रेस और विपक्ष की सोची समझी रणनीति कह रहे है...!
अरे भाई वो तो उनके पुराने प्यादे है ही...!
लेकिन विशेष वोट बैंक के लिये,१०० करोड़ लोंगो को अपमानित करने वाली रणनीति अपनाने वाला नेता या तो मूर्ख है या फिर पागल हो चुका है...!
और आजाद भारत के इतिहास मे पहली बार लगातार दो चुनाव हारने का खौफ इस समय कांग्रेस के सर पर चढ़ कर बोल रहा है...!
वो जानती है कि इस बार की पराजय से उसका १३४ साल पुराना दंभी किला भरभरा कर गिर पड़ेगा...!
गुलाम,दास,चारण भी कितने दिन साथ निभायेंगे...?
देश की राजनीति मे वंशवाद के पोषक विशेष परिवारों के अकेले पड़ जाने का भय ही उनके कलपने का मुख्य कारण है...!
जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है...!
बौखलाहट बढ़ती जा रही है...!
शहीदो का अपमान करके और सुरक्षा बलो पर सीधे आघात करके शायद कांग्रेस अब अपने विनाश के अंतिम चरण मे है...!
फिलहाल अब यह तो देश के १०० करोड़ चौकीदारों पर निर्भर है कि वो कांग्रेस के विलुप्त होने की इच्छा कितनी जल्दी पूरी करेंगे...!
#कहो_दिल_से,#मोदी_फिर_से...!!!

नीलेश पांडे की फेसबुक वॉल से साभार