रविवार, 31 मार्च 2019

कॉर्पोरेट ऋण

#कॉर्पोरेट_ऋण_और_मनमोहन_जी
-: भारत की बैंको के ऋण का इतिहास :-
भारत की सभी बैंको द्वारा दिए गए ऋण :
1947 से 2008 : 18 लाख करोड़ रुपया
2008 से 2014 : 34 लाख करोड़ रुपया
मतलब जितना ऋण आजादी से लेकर 60 सालों में दिया गया, उसका दोगुना ऋण कांग्रेस कुशासन के अंतिम 6 सालों में बैंको द्वारा दिए गए.
आखिर इतना ऋण किसको दिया गया, क्यों दिया गया, किसके कहने पर दिया गया ? तब तो मोदी सरकार नहीं थी.
कांग्रेस सरकार ने मनमाने ढंग से उद्योगपतियों को ऋण उपलब्ध करवाए, जाहिर सी बात है इसमें कांग्रेसी नेताओ का मोटा कमीशन भी होगा.
जब बेहिसाब ऋण दिए जा रहे थे तब उद्योगपतियों ने डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया, ऋण एनपीए में बदलने लगे और 2014 में ही लगभग 10 लाख करोड़ का एनपीए हो चुका था. लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसको देश की जनता से छिपाया और जाते जाते बताया कि लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपया एनपीए है.
2014 में जब मोदी सरकार आई तो जांच शुरू हुई, जांच में पता चला कि जितना ऋण आजादी के 60 सालों में बैंको द्वारा दिए गए थे उसका दोगुना ऋण कांग्रेस सरकार के अंतिम 6 सालों में बैंको द्वारा दिए गए और एनपीए लगभग 10 लाख करोड़ रुपया हो चुका था.
सरकार नई थी और बैंकिंग व्यवस्था की हालत बहुत नाज़ुक थी इसलिए उस समय इस बात को सार्वजनिक नहीं किया गया, मोदी सरकार ने एक एक कर कार्यवाही करनी शुरू की, कड़े कानून बनाए. जो लोग कांग्रेस सरकार में ऋण लेकर खूब मौज किए, वो मोदी सरकार में कार्यवाही के डर से देश छोड़कर भागना शुरू कर दिए.
जब सरकार ने देखा कि देश की बैंको का पैसा लेकर ये लोग भाग रहे है, तो भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून बनाया, जिसमें प्रावधान किए गए, देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक भगोड़ों की संपत्ति जब्त की जाएगी, उनकी विदेशी संपत्ति भी जब्त की जाएगी.
मोदी सरकार ने इंसोलवेंसी एंड बैंकरप्सी कानून बनाया, जो प्रभावी ढंग से एनपीए वसूल रहा है, अब तक 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के एनपीए वसूल किए जा चुके है.
आज जब पिडीज मोदी सरकार से नीरव मोदी और विजय माल्या को लेकर सवाल पूछते है तब ये सवाल क्यों नहीं पूछते कि इन लोगो को इतना ऋण किसने दिया, किसके कहने पर इनको ऋण दिए गए. कौन विजय माल्या के किंगफिशर जहाज में अकेले सफर करता था ?
आज नीरव मोदी लंदन की जेल में बंद है, प्रत्यर्पण की कारवाही चल रही है.
विजय माल्या केस हार चुका है, विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश जारी हो चुका है.
जब कांग्रेसी मोदी सरकार पर उंगली उठाते है तो कांग्रेसियों को ये भी देख लेना चाहिए कि 3 उंगली उसकी तरफ इशारा कर रही होती है.
Abhijeet Srivastava

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