सोमवार, 25 मार्च 2019

हिन्दू भाइयों के लिए

दास्तां-ए- हिंदू .....
मैं दुकान कर के अपने परिवार का पेट पाल रहा था, वो आए मुझे दुकान से बाहर खींच कर चौराहे पर ले गए मेरा सर धड़ से अलग कर दिया (केरल)
मैं अपनी बहन को छोड़ने जा रहा था, उन्होंने मेरी बहन को छेड़ा, मैंने विरोध किया उन्होंने मेरी गर्दन काट दी मेरी बहन से साथ जबरदस्ती की (मुज़्ज़फर्नागर)
मैं एक लड़की से प्यार कर बैठा उन्होने दिन दहाड़े भरे बाजार मेरा सर कलम कर दिया (दिल्ली)
मैं फक्र से अपने देश की आज़ादी का जश्न मना रहा था, उन्हीने मेरे हाँथ में तिरंगा देखा और मेरे टुकड़े टुकड़े कर दिए (कासगंज)
मैंने उन्हें अपना भाई माना, उनकी हमेशा मदद की, उनके साथ हर दुख सुख बांटा, पर वक्त पड़ने पर उन्होंने मेरी मदद नही की, मैंने गंगा जमुनी तहजीब की दुहाई दी, उन्होंने मेरी ही बहु बेटी के साथ बलात्कार किया, मेरा घर बार सब लूट लिया मुझे मार दिया (कश्मीर)
मैं कभी किसी झगड़े में नही पड़ा, हर फसाद से दूर रहा, कट्टर हिन्दुओ से भी दूरी बना सेक्युलर बन गया, पढ़ लिख कर डॉक्टर बन गया, मेरी बीवी मेरा बच्चा ही मेरी दुनिया थी, अचानक व्व घर मे घुस आए और मुझे मार दिया (डॉ नारंग, दिल्ली)
मैं रोजी रोटी की तलाश में विदेश गया, उन्होंने मेरा देश पूछा मेरा नाम पूछा और मुझे गोलियों से भून दिया और दफना दिया (मोसुल)
मैं हिन्दू हूँ, जगह अलग अलग मारने वाले अलग अलग मरने वाला हर बार वही हिन्दू हूँ, जल्द ही इस दुनियां से खत्म होने वाला सनातनी हिन्दू हूँ, मैं बस कमाने में लगा रहा, अपना पेट पालने में लगा रहा और वे मुझे काटते रहे, मुझे मैं मेरे बच्चे मेरी बीवी के सिवा कुछ न दिखा, और उन्होंने मुझे मेरे बच्चों को मार कर मेरी बीवी को sex slave बना लिया मेरी खून पसीने की मेहनत की कमाई से खरीदे घर पर कब्ज़ा कर लिया, मेरी आत्ममुग्धता ने आज सब कुछ खत्म कर दिया, आज मुझे बचाने कोई नही आया, मैं हिन्दू हूँ, काश मैंने स्वार्थ से ऊपर उठ कर देश और धर्म के बारे में सोचा होता, काश मैंने अपनी कमाई का एक हिस्सा देश और धर्म के लिए दिया होता तो शायद आज मैं ज़िन्दा होता ।
खतरा और बढने से पहले जाग जाओ हिंदू भाईयों⛳