रविवार, 24 मार्च 2019

मनमोहन सिंह बनाम नरेन्द्र मोदी

हर कांगिया जो जी में आऐ, सफेद झूठ का थूक उछाले चला जा रहा है। इधर "ठजाना ठाली है" के तकिया कलाम और हर विकास के काम में धन की कमी का बहाने बनाने वाले तोताराम का कहना है कि मोदी सरकार अर्थव्यस्था के मामले में विफल रही है।
   मैं कोई बहुत बड़ा डाटा या पेचीदा तर्क नहीं दूंगा बस इतना कहूंगा कि 82% NPA के साथ देश के बैंकिंग सिस्टम और अर्थव्यवस्था की वाट लगाने वाले आक्सफोर्डिए सन्नाटा सिंह की सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को रसातल में पहुंचाकर सरकार छोड़ी थी। देश का हाल वेनेजुऐला जैसा हाल होना लगभग तय था यानी आप बैंक में अपने खाते में जमा रुपया मांगने जाते तो न मिलता और बैंक दिवालिएपन की कगार पे थे।
  उस समय इन झूठे और मक्कारों ने NPA figure में भी घोटाला करके 32% दिखा रखा था जो वास्तव में 82% था यानी बैंको द्वारा दिए गए ऋण का 82% डूबने की स्थिति थी। (प्रधानसेवक ने ये डाटा अपर हाऊस के फ्लोर पर रखा था)। ये एनपीए छुपाकर लगभग डूबने की स्थिति में कांगियों नें सरकार छोड़ी थी और ये सोचा था कि नई सरकार के खिलाफ चारों तरफ अराजकता की स्थिति होकर त्राहि त्राहि मचेगी और मोदी सरकार जनाक्रोश से ढह जाऐगी।
   लेकिन जैसे कसाई के सोचने से पाडा नहीं मरता वैसे ही चुनिया &गैंग के मंसूबा पूरा न हुआ।
  चायवाले ने 8 करोड़ जनधन खाते खोलकर और नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को उबार कर बैंकों को पर्याप्त धन उपलब्ध कराया। फोन पे लोन की लुंगी की योजना के डकैत डिफाल्टरों पर कड़ी कार्रवाई से 2 लाख करोड़ से भी अधिक की वसूली की जो आज भी जारी है।
  एक लाख से भी अधिक शैल (नकली) कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द करके बैनामी सम्पत्ति और टैक्स चोरों की कमर तोड़ दी जिससे लालू से लेकर जीजाजी तक सब बिलबिलाते फिर रहे हैं।
    
लगभग और 500 करोड के टैक्स चोरी के नेश्नल हैराल्ड केस में जमानत पर चल रहे माँ बेटे का ये प्यादा सफेद झूठ बोलकर अर्थव्यवस्था के रखवाले चौकीदार पर ही सवाल कर रहा है। तोताराम जी ये झूठ कहीं और बको जाकर।
आज देश की अर्थव्यस्था सरपट भाग रही है डायरेक्ट टैक्स कलैक्शन में 100% बढ़ोत्तरी और 7% GDP ग्रोथ रेट के साथ।
  अब घोटालेबाज मन्नू और ऊनकी मालकिन के दिन लद गए। और चोरों की पोल राज न रही सो चौकीदार पर ही कीचड़ उछाल रहे हैं ये गैर पेशेवर निकम्मे और फिसड्डी शासक।

वीर प्रताप सिंह शिशोदिया की फेसबुक वॉल से साभार