रविवार, 31 मार्च 2019

राहुल गांधी के आरोप और उनका जवाब

आइये शुरू करते हैं मित्रों कांग्रेसियो/वामियों की कह के लेना !
आरोप नंबर 1 :
राफेल घोटाला हुआ है !
जवाब : राफेल घोटाला पहले राहुल गांधी explain करें साफ शब्दों में की इनकी सरकार ने क्या किया और Narendra Modi की सरकार ने क्या किया !
दोनों में क्या अंतर है ?
मैं जहाँ तक समझ पाया हूँ , विपक्ष के पास कोई मुद्दा नही था , 2012 में जब काँग्रेस सरकार ने डसाल्ट कंपनी की बिड को कैंसिल किया था तो किस आधार पर किया था ?
मुझे जहाँ तक जानकारी है सबसे पहले ऐसे किसी भी डील में कस्टमर जो कि यहाँ इंडियन एयर फोर्स है अपनी आवश्यकताओं को लिख कर बाजार में रखती है , फिर कम्पनिया आती हैं और डील पैसे वैसे की बात करके डील पक्की की जाती है ।
Rahul Gandhi के दो आरोप हैं ,
राफेल में मोदी ने पैसा खाया है और अम्बानी की कंपनी को 30000 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रेक्ट दे दिया है , इस अमाउंट को राहुल जी बदलते भी रहते हैं अपने तमाम बयानों में
मैं डिफेंस डील्स का जानकार नही हूँ न ही इन मामलों का विशेषज्ञ
पर मेरी जानकारी में तीन देश राफेल जेट्स खरीद रहें या खरीद चुके हैं :
1. इंडिया ( 36 जेट्स )
2. क़तर ( 36 जेट्स )
3. इजिप्ट ( 24 जेट्स )
सीधी सी बात समझिए उन देशों ने एक राफेल के विमान का कितना पैसा दिया है ?
218 मिलियन यूरोज इंडिया ने दिया है , 205 मिलियन यूरो क़तर और 216 मिलियन यूरो इजिप्ट ने दिया है ,
भारत सरकार कह रही है कि हमारा थोड़ा सा महँगा इसलिए है क्योंकि हम अपनी आवश्यकताओं अनुसार कुछ add on अर्थात कंपनी से उन फाइटर जेट्स में कुछ और नई टेकनोलॉजी add करवा रहें ,
2002 से काँग्रेस पार्टी ने इस डील को लटका के क्यों रखा ?
क्या राहुल गाँधी आप बताएँगे 1956 के बने मिग 21 को प्रयोग करते हुए हमारा एक पायलट दुश्मन के कब्जे में चला गया , उसका जिम्मेदार कौन है ?
सुप्रीम कोर्ट से भी आपको झटके पे झटके लग चुके हैं , दूसरा आप बोलते हैं HAL को क्यों नही कांट्रेक्ट दिया गया ?
क्या आप HAL का रिपोर्ट कार्ड दे सकते हैं ?
एक तेजस 1980 से बन रहा , 2019 आ गया अब तक प्रोडक्शन स्तर निम्नतम है ।
सरकारी कंपनियों का बोझा काँग्रेस ने हमेशा से ढोया है , और देश के विकास की बैंड बजा दी है , अब आप कहते हैं कॉन्ट्रैक्ट अम्बानी को क्यों दिया गया ?
राहुल जी आप बताइए की डसाल्ट क्या सरकारी कंपनी है ?
लॉकहीड मार्टिन क्या सरकारी कंपनी है ?
अनुभव तो हमे कार बनाने का नही था , सुजुकी और मारुति के सहयोग से ही हम कार बनाना सीख पाए ।
ऐसे तो हम बजाज पल्सर ही बनाते रह जाएंगे जीवन भर , डिफेंस सेक्टर 24 घण्टे वर्क ड्यूटी और war mode में रह कर इसके एम्प्लोयी काम करते हैं ,
HAL और DRDO काम करें हमे कोई ऐतराज नही है , लेकिन अगर एक प्राइवेट कंपनी को हम इसमें लाना चाह रहें ताकि भारत की भी इसमें हिस्सेदारी हो तो आपको क्या समस्या है ?
कितनी ही डिफेंस डील हुई जिसमें टाटा को कांट्रेक्ट मिला जब आपकी सरकार थी ,
हमारे पास ले दे के कायदे की यही दो कंपनी है जिसके पास पूंजी है ,
अब क्या ओला जोमैटो को दे दें ठेका ?
निश्चित ही रिलायंस डिफेंस के पास अभी अनुभव नही है इसीलिए तो पार्टनरशिप हो रही ताकि वो सीख सकें और क्या पता प्राइवेट वर्क कल्चर हमे कुछ बेहतर दे दे , HAL मेरे बाप दादा के जमाने का प्रोजेक्ट पूरा कर ले वही बहुत बड़ी सफलता होगी ,
तो कायदे का मुद्दा लाइये !
राफेल राफेल मत करिए , इसमें कुछ नही है !
आरोप नंबर 2 :
मोदी जी ने लालकिला बस स्टैंड रेलवे स्टेशन सब बेच दिया !
जवाब : अब यही पर आपको और आपके समर्थकों को पप्पू कहना जायज हो जाता है , क्यों ?
जब सड़क बनती है तो सरकार इसको तमाम आर्थिक मॉडल्स में एक चुन के बनवाती है ,
मसलन अगर JP इंफ़्रा ने सड़क निर्माण किया तो सरकार उसे टोल इकट्ठा करने का हक दे देती है और सड़क के रखरखाव की भी जिम्मेदारी ,
ये तमाम मॉडल सरकार पर वित्तीय बोझ कम करते हैं , और आपकी सरकार ने भी इसे बखूबी लागू किया है ।
संपत्ति का अधिकार तो नागरिको को नही है तो लालकिला किसी के बाप का कैसे हो गया ?
या एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन ?
JNU में पढ़ रहे लौंडे लौंडिये भी इस तरह की बकवास बातें किया करते हैं पर हम उनका मेंटल लेबल समझ कर हंसी में टाल देते हैं पर आप तो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं ?
केवल maintenance के लिए इन कंपनियों को ये सब प्रदान किये गए हैं , जिस प्लेटफॉर्म पर मल बहता था आपकी सरकार में आज वो चमचमा रहें हैं , जहाँ सड़े आलू का समोसा मिलता था आज वहाँ food courts खुले हुए हैं !
हमे सुविधा चाहिए राहुल जी और पूरी दुनिया मे आर्थिक मॉडल लागू है , सरकार अगर सब अपने कंधे पे रखेगी तो देश का हाल वही होगा जो 1991 में हुआ था , जब वर्ल्ड बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था को bail out किया था , आप उस कुबुद्धि से निकलेंगे ?
आरोप नंबर 3 :
मोदी सरकार के आने से दलित / पिछड़ा और मुसलमानो का हक मारा जा रहा !
जवाब : पहले बात करते हैं दलित / पिछड़ो की
हमेशा यह अफवाह उड़ाई गयी कि भारतीय जनता पार्टी आरक्षण खत्म कर देगी , राज्य दर राज्य हर चुनाव में , पर ऐसा कुछ नही हुआ , जिस पिछड़ा आयोग को आपको बनाने में सदियों लग गए उसे संवेधानिक दर्जा मोदी सरकार ने 5 वर्ष में दे दिया ,
दलितों को डराना बन्द करिये , यही मोदी है जिसने अपने वोट बैंक की परवाह न करते हुए हर गाली और विरोध सहते हुए SC/ST एक्ट को कोर्ट के विरुद्ध जाकर और अधिक मजबूत कर दिया ,
रही बात मुसलमानो की तो आपने 2014 में ऐसा हव्वा खड़ा किया था कि मोदी आ जायेगा तो पूरे देश मे गुजरात हो जाएगा
उल्टा कहीं कुछ भी नही हुआ , मुसलमानो के हितों का ध्यान हर बजट में रखा गया , वो तो मोदी को दिन रात गालियाँ देते हैं मरने की दुआ माँगते हैं पर मोदी ने तो कोर्ट के विरूद्ध जाकर राम मंदिर को छुआ तक नही ,
हमारी मीडिया और आपके पाले हुए कुछ बुद्धजीवी लगातार फेक न्यूज फैलाते रहे पर ऐसी कोई अनहोनी नही हुई ।
आज हिंदुस्तान का मीडिया ऐसा है कि ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य मर कट जायें आपसी विवाद में उसे दुर्घटना का नाम दिया जाता है
पर अगर लड़ाई में दूसरा पक्ष मुस्लिम या दलित हो तो उसे भगवा आतंक बता दिया जाता है , चाहे शुरुआत इन्होंने ही क्यों न कि हो ,
मुझे तो एक केस आज भी याद है , एक गाँव मे किसी दलित ने किसी से उधार लिया था , बहुत दिनों से नही दे रहा था , दोनों में मारपीट हुई और बगल में मंदिर था
बड़े बड़े राष्ट्रीय अखबारों ने छापा की दलित को मंदिर जाने की वजह से पीटा , जबकि ये पूरी तरह से फेक न्यूज थी ।
अगर मुस्लिम या दलित जब किसी सवर्ण को मार जाएं तो आप नही आते राहुल गांधी जी , मगर उल्टा हो जाये तो आप कुर्ता फाड़ देते हैं ,
कब तक खेलेंगे ये खेल ?
आरोप नंबर 4:
देश की संस्थाएँ खतरे में हैं , मोदी ने सबको हाईजैक कर लिया है ,
इसका एक लाइन में उत्तर दूँगा , अपना इतिहास देखिए , कांग्रेस पार्टी के शासन में पूरा देश ही खतरे में रहता था !
आरोप नंबर 5:
पाकिस्तान को जवाब नही दिया जा रहा , कहाँ है 56 इंच ?
और जब दिया गया तो सर्जिकल स्ट्राइक फेक है ?
जवाब : पुलवामा के वक़्त चुनाव है इसलिए मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की तो उरी के वक़्त कौन सा चुनाव था ?
म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक हुई उस वक़्त कौन सा चुनाव था ?
56 इंच तो आप रोज नापते हैं राहुल जी कभी ये भी देश को बताइये की 26/11 मुम्बई के बाद आपकी सरकार ने क्या किया ?
कसाब को बिरयानी खिलाई और आपके समर्थकों ने अफजल के लिए मध्य रात्रि में कोर्ट खुलवाया !
ईमानदारी से आत्म अवलोकन कीजिये ,
और भी आरोपों का जवाब है मेरे पास लेकिन फिलहाल मैं आपकी पार्टी के ऊपर इससे अधिक ऊर्जा व्यर्थ नही कर सकता ।
इस बार तो आप प्रधानमंत्री नही बन सकते ,
थोड़ा और बड़े होके अगली बार मिलते हैं
                                       -----shiv
साभार
शिवेंद्र शुक्ला