रविवार, 24 मार्च 2019

आज के जयचंद । सैम पित्रोदा

सैयद अहमद बरेलवी रायबरेली में पैदा हुआ एक जिहादी था। उसने जिहाद को फिर से भारत में जीवित करने का बीड़ा उठाया था। उसके अनुसार मुग़ल बादशाहो व नवाबों ने जिहाद छोड़ दिया था, इसलिए मुसलमान ताक़त समाप्त हो गयी थी।
उसने पूरे इतिहास का अध्ययन किया और निश्चय किया कि जिहाद के लिए एक सुरक्षित बेस चाहिए होता है, जहाँ से काफ़िरों पर हमले किए जाते है। वह बालाकोट गया (जी, वही बालाकोट जहाँ भारतीय वायु सेना भी होकर आयी है कुछ दिन पहले)। बालाकोट तीन ओर से पहाड़ियों से व चौथी ओर से नदी से घिरा है। उसे लगा कि वह स्थान सुरक्षित है। उसने वहाँ बेस बनाया। उसने टोंक के नवाब को लिखा भी कि वहाँ काफ़िर नही पहुँच पाएँगे। उस समय पंजाब व पेशावर के क्षेत्र पर महाराजा रणजीत सिंह का राज्य था। बरेलवी ने सिक्खों पर रेड करनी आरम्भ की।
सिक्ख सेना में उस समय कोई सैम पित्रोदा नही था। सिक्ख सेना सीधे बालाकोट गयी। बरेलवी ने पूरे इलाक़े में पानी भर दिया, लेकिन सिक्ख सेना रुकी नही, कैम्प को नष्ट किया व सैयद अहमद बरेलवी का सिर काटकर लाहौर ले आयी।
अपराध दो तरह के होते है: पड़ोसी, यहाँ तक के सगे भाई भी, झगड़ते है व हत्या तक कर देते है एक दूसरे की। और एक शहर का माफ़िया डॉन होता है जो अपने साम्राज्य के लिए हत्याओ का आदेश देकर हत्या करवाता है। पुलिस को दोनो प्रकार के अपराध में अंतर पता होता है और वे appropriate तरीक़े से दोनो तरह के अपराध से निपटते है।
लेकिन कभी कोई कांग्रेस के सैम पित्रोदा की तरह का गृहमंत्री होता है जिसकी माफ़िया डॉन से दोस्ती होती है व जो कहता है कि केवल हत्यारो को पकड़ो, डॉन ने थोड़े ही कुछ किया है । पुलिस भी ऐसे में डॉन से हफ़्ता लेना आरंभ कर देती है।
इसlam के आतंक को सामान्य अपराध मानने वाले सैम पित्रोदाओ ने ही अब तक सत्ताईस करोड़ काफ़िरों (जिनमें आठ करोड़ हिंदू शामिल है) की हत्या कराई है।
मोदी से जिहादियों को यही समस्या है। मोदी जिहाद से अपराध की तरह से नही, जिहाद की तरह से ही निपटता है और इसके लिए आवश्यक होता है जिहाद के बेस पर आक्रमण करना। बेस पर आक्रमण से जिहादी सबसे अधिक घबराते है।
मक्का पर चौदह सौ साल पहले सैम पित्रोदा का शासन था। इसीलिए दुनिया भर में आज आतंक का तांडव है। महाराजा रणजीत सिंह का होता तो दुनिया इस समय विज्ञान के चमत्कारी उत्पादों का आनंद ले रही होती, बजाय जिहाद से जूझने के।
कांग्रेस के लिए जिहाद को अपराध कहना आवश्यक है ताकि वोट बैंक नाराज़ न हो जाय। आम हिंदू बाज़ार में, होटेल में, मॉल में मरता रहे, हिंदू लड़कियाँ लव जिहाद व रेप जिहाद की शिकार होती रहे, इससे कांग्रेस को कष्ट नही है। उसे जिहादियों के वोट चाहिए ताकि लूटीयन ख़ानदान व चमचों की लूट चलती रहे।

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