शुक्रवार, 29 मार्च 2019

चुड़ैल की कहानी

#The_Real_Haunted_Story_of_two_Bengal_Witch!!
बंगाल में एक शहर है मुर्शिदाबाद ..... किसी जमाने में बिधर नवाब लोग राज किया करे थे...
नवाब के दरबार में एक पंडित जी भी रैहया करे थे.... अरे भाई जस्ट लाइक अकबर के बिधर बीरबल..... नवाब के सलाहकार थे...
पंडित जी का लोंडा बड़ा होनहार था बड़ी धाकड़ पेंटिंग करे था....
कहानी में ट्विस्ट....!
नवाब साहब की एक लौंडिया भी थी भैरण्ट ख़ूबसूरत और उसको भी पेटिंग का भोत कर्रा वाला शौक था..... और शौक बड़ी चीज है आपको पता होएंगा ही!
तो लौंडिया के शौक को देख नवाब साब ने पंडित जी को बोला के भाई पंडित जी अपने लौंडे से कहो हमाई लौंडिया को भी पेंटिंग सिखा दे.....
पंडित जी ने हाँ बोल दी..... लोंडा पेंटिंग सिखाने लगा... अब पेट्रोल माचिस के कॉम्बिनेशन से आग तो लगनी थी.... लौंडिया को इश्क़ हो गिया लौंडे से.... बोली अमी जे तोमर.... करो #छिन_छिन_छिन....!
लोंडा डर गया नवाब की लौंडिया कहीं छिन छिन छिन करते पकड़े गए तो गांव पे कुल्हाड़ी बजनी पक्की....!
पर लौंडिया भी जिद्दी...... बोली छिन छिन छिन तो करनी पड़ेगी..... न करेगा तो गर्दन कटेगी और करेगा तो थोड़ी सी नुन्नू.... फिर अब्बू से बोल तेरे से निकाह करूंगी और मज़े से रोज़ छिन छिन किया करेंगे.....!
लौंडे की आफ़त आयी ... उसने सारी बात अपने बाप यानी सिनियर पंडित जी को बताई.. वो बोले बेटा लगता है बंगाल से विदा लेने का टेम आ लिया.... इधर रोहोगें तो या तो जान जाएगी या धर्म..... दोनों रातों रात भाग लिए!
जब लौंडिया को पता चली वो पगला गयी.... उसको हिंदुओं से नफरत हो ली.... उसने अपने आसपास के सैकड़ों हिन्दू मरवा दिए और फिर खुद भी महल से छलांग लगा मर गयी..... बिना छिन छिन छिन किये......!
आज भी मुर्शिदाबाद के महल में उनकी आत्मा भटकती है और धोके से रात बिरात कोई हिन्दू महल में जाये तो उसको रेल पेल देती है....
वो अपने खंडहर हो गए महल में अतृप्त, प्यासी, छिन छिन विहीन आज भी जल रही है..
वो पंडित जी और उनका लोंडा कहाँ गए मेरे को पता नहीं पर लगता है सायद गुजरात जा बसे होंगे..….
और जे जो आजकल बंगाल में फैला है वो कोई कलेस, संवैधानिक संकट फलाना ढिमका कुछ नहीं......
बस एक अतृप्त आत्मा पर दूसरी #मुर्शिदाबाद_वाली_अतृप्त_आत्मा सवार है..... औऱ खुद के छिन छिन छिन न हो पाने का बदला हर हिन्दू और हिंदुस्तान से लेना चाहती है....... अब बस एक ही तरीका है बचाव का के बाबा अमित शाह गुजराती जिनका किया कोई न काट सका एक गठीले बाँस द्वारा ढंग से छिन छिन छिन कर उनको मुक्ति दें...... और जल्दी दें क्यों के सुना है मुर्शिदाबाद के भूत महल में दिल्ली, मुम्बई, UP के भी भूत, भूतनियों का भी जमावड़ा हो रहा है.......
और हाँ ये मज़ाक लग रहा हो तो किसी भी मुर्शिदाबाद वाले से बिधर के भूत महल की कहानी पूछ लेना..... जो इस कहानी को शेयर करेंगा उसकूँ रात में मिया ख़लीफ़ा के सपने आएंगे और मज़ाक उड़ाने वालों के घर ये भूतनी खुद यकीन दिलाने आएगी.... और गायेगी...... अमी जे तोमार..... छिन छिन छिन!
लेखक: अजय सिंह