गुरुवार, 28 मार्च 2019

अपनो ने दिया है धोखा गैरो से शिकायत क्या

#लंगड़े_त्यागी!!!!
William_Shakespeare बाबू एक ठो नाटक लिखे थे Othello या #The_Tragedy_of_Othello बड़ा भैरण्ट किस्सा था साब दुनिया भर में इसको स्टेज पर खेला गया हर भाषा में अनुवाद हुआ, कई फिल्में बनी अपने हिंदुस्तान में भी एक बनी नाम था ओमकारा..... इस नाटक का एक चरित्र था #Iago जिसकूँ ओमकारा में नाम दिया गया लंगड़ा त्यागी....  अब जो जे Iago है ये बड़ा एंटीक MC पीस है
इसकूँ प्रमोशन चाहिए था और प्रमोशन दिलवा दिया Othello ने Michael Cassio नाम के एक नए लौंडे को अब इस बात पर Iago की सुलग गयी ढंग से ..... उसने षणयंत्र कर झूठ बोल Othello को उसकी लुगाई Desdemona के खिलाफ भड़का दिया के तेरी लुगाई तो भिया Michael Cassio से सेट हो रखी है तेरे पीछे दोनों डॉक्टर डॉक्टर खेलें हैं..…... फिर के होना था Othello भिया की लुगाई खर्ज और जिंदगी झंड बैल्डिंग हो गी गन्ना चूस के!!!
अब जब किसी झण्डू क़िस्म के आदमी की आपसे सुलगती है और वो आपका साथी, दोस्त भी है तो ऐसा बंदा किसी भी दुश्मन से ज्यादा खराब खतरनाक साबित होता है उसकी आपसे जब निजी उम्मीदें, अरमान खत्म होते हैं वो जला सुलगा आपकी लंका लगाने में लग जाता है फिर वो न अपना, न समाज का, न देश का किसी का नुक़सान नहीं देखता..... बस उसकी सुलगती हुई पर पानी आपके नुक़सान बर्बादी का पानी पड़ना चाहिए.....!
हाँ वो दुनियां के सामने हमेसा आपके सबसे हितैसी का मुखोटा लगा कर ही आएगा..... अब खुद को तो महा बीप बीप कह नहीं सकता वो....……
यसवंत सिन्हा, शत्रुघन सिन्हा खुद को भाजपा नेता कहते रहे हैं ये अलग चीज़ है के.... ये कितने भाजपाई है इनकी दोगलियत की पराकाष्ठा ये है के ये खुद को कमलनाथ जैसा मूतपिलन्दर स्वीकारने का साहस भी नहीं रखते पर हैं ये वही.... मूतपिलन्दर!
इनकी चार साल से ब्राउन हो रखी हैं अरे हमसे जूनियर PM कैसे बन गया, अरे ईरानी को, राठौर को, रिजिजू को मंत्री बनाया मुझे नहीं वो जूनियर फिर भी मंत्री..... ये सुलगते जलते लंगड़े त्यागी ओमकारा के नाश को प्रतिबद्ध भर है भले उसके लिए खुद को खत्म करना पड़े, भले अपनी ही पार्टी को हरवाना पड़े.....!
सोशल मीडिया पर भी कई लंगड़े त्यागी हैं....
जो आपको रोज रंडी रोना सुनाएंगे..... अरे देखो हैं तो हम मोदी समर्थक पर फलानी जगह गया ढिमकी नहीं गया, अरे अब तो सवर्णो को जन्म से पहले ही फाँसी चढ़ाएगा, अरे आरक्षण तो दिया पर उनका खत्म नहीं किया, या उनको भी दे दिया...... इसके पीछे शुद्ध निजी कारण हैं इन्ह मोदी से निजी फायदों की उम्मीद थी नहीं मिले, जातीय अहंकार या आस्था है..... ये साले सब के सब वही हैं Iago या लंगड़े त्यागी....!
2019 के रण में ध्यान इनका भी रखियेगा कहीं आप भी ओमकारा, Othello जैसे इनका शिकार न बन जाएं.....!
आस्तीन के नागों को पहचानिए भी और कुचलिए भी!!!
लेखक : अजय सिंह