बुधवार, 27 मार्च 2019

झांटू सोच | एक मनोमंथन

#झा2_सोच
नौकरी के दौर में हमारे एक बॉस हुआ करते थे नाम था मनोज झा जी हालांकि उनकी इकलौती योग्यता ये थी के वो कंपनी मालिक के मित्र थे....... अब चूंकि हमारे साथ ही एक और पटना के झा साहब काम करते थे तो लौंडों ने उनका नामकरण झा प्रथम और द्वितीय कर दिया यानी बॉस को हम उनके पीछे झा2 बुलाया करते थे..... अब लिस्ट में जो झा उपनाम के मित्र हों इसे अन्यथा न लें क्यों के ये वर्क स्पेस में होने वाला मज़ाक भर ही था किसी की जाती को लेकर कोई दुराव नहीं!
झा-2 साहब की एक खासियत थी उन्ह खुद कुछ करना नहीं आता था, पर दूसरों के बेहतरीन काम में उंगली जरूर करते थे..... तो हम लोग भी उनके सुझाव, आदेश खाली सुनते थे इम्प्लीमेंट कभी नहीं करते थे अगले दिन वही फ़ाइल वैसी की वैसी उनके सामने रखते और बताते साहब आपने कहा था वो चेंज कर दिया..... क्यों के पता था झा-2 ने न पहले फ़ाइल देखी थी न अब देखेगा उसे तो बस इत्ते से मतलब था के वो बॉस है ....कमी निकलना उसकी आत्मतुष्टी...... दोबारा में भी वो तारीफ नहीं करता था कभी नहीं कहता था अब ठीक है या अच्छा है.... उसकी हमेसा एक ही लाइन होती थी "अब कम बुरा लग रहा है"...... कुछ लोग BC पैदा ही अपनी कुंठा और निगेटिविटी के साथ होते हैं जैसे झा-2 सर्!
आजकल ज्यादातर विपक्ष के नेताओं को देखिए रवैया वही आपको झा-2 वाला नज़र आएगा खुद साले सालों सत्ता में बैठे रहे कुछ उखाड़ नहीं पाए अब दूसरा कर रहा है तो अच्छा कैसे कह दें मजबूरन कहना पड़ा तो घुटी सी आवाज निकलेगी "#अब_कम_बुरा_है"
राजीव गांधी के टाइम से गंगा सफाई प्रोजेक्ट चला .... साफ हुई क्या??? घंटा हुई ..... अब चार साल में साफ दिखने लगी तो कैसे स्वीकार करें...... नहीं साहब साफ कहाँ हुई प्रयाग से बनारस के बीच हमको दो पॉलीथिन बहते दिखे टाइप जवाब होते हैं.....!
जो साले 26/11 के बाद पिछवाड़े में पूंछ दे कुं कुं कर रहे थे आज बाला कोट की कार्यवाही पर कह रहे हैं... साहब एयरफ़ोर्स का काम तो ठीक पर मोदी लाशें उठाकर नहीं लाया..... अबे  तब देश के पास मिराज भी था बम भी थे एयरफ़ोर्स के जांबाज़ पायलेट भी थे ...... क्यों नहीं किया कुछ..... क्यों के तुम खस्सी थे!
इंदिरा 54 युद्धबंदी पाकिस्तान में भूल जश्न मनाने धीरेंद्र ब्रह्मचारी के "घोड़े" पर सवार हो चुनाव में उतरी...... अब अभिनंदन दो दिन में वापस .......मोदी की तारीफ करने का इतना डर, इतनी नकारात्मक सोच के इमरान खान के तलवे चाटने लगे....... BC एयरफ़ोर्स ने 2005 में ही मिग21 को रिटायर करने को बोला उसके बाद 9 साल क्या बार बाला का मुज़रा देखते रहे सबके सब....... ये जमात, नेता और समर्थक अपने विरोध, नकारेपन और निगेटिविटी में बेगैरियत की हद पार कर चुके हैं..... प्योर झा-2 सोच!!!!!
 
लेखक : अजय सिंह