गुरुवार, 21 मार्च 2019

सुकन्या देवी के बलात्करिओं को सजा कब?

राहुल गांधी बलात्कारी हैं....!!!

वैसे तो कांग्रेसी हिन्दू संतों और नेताओं में दुर्गुण निकलने में कोई कसर नहीं छोड़ते ,लेकिन राहुल गांधी द्वारा किये गए सामूहिक बलात्कार की घटना को दबा लेते है इस लेख में राहुल गंदी के शराफत का भंडाफोड़ किया जा रहा है ,

1-बलात्कार की पूरी घटना
अमेठी को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है . चूँकि सुकन्या के पिता बलराम सिंह भी इंदिरा के समय से ही कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता थे . और उन दिनों सोनिया राहुल को राजनीति के मैदान में उतार चुकी थी . उस समय सुकन्या की आयु 24 साल थी . और युवक होने के कारण सुकन्या राहुल को अपना आदर्श मानती थी .सुकन्या पिछले दो साल से राहुल से मिलने का मौक़ा देख रही थी . जब उसे पता चला कि राहुल अपने कुछ दोस्तों के साथ अमेठी के वी . आई . पी . गेस्ट में रुकने वाला है .इसलिए वह राहुल से मिलने गेस्ट हॉउस चली गयी . लेकिन वहाँ के सुरक्षा अधिकारी ने केवल एक ही व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति दी .इसलिए सुकन्या अकेली ही राहुल के पास चली गयी . यह 3 दिसम्बर सन 2006 की बात है उस समय रात के 9 बज गए थे .और काफी सर्दी हो रही थी . सुकन्या जब राहुल के कमरे के अंदर गयी तो उसे बड़ा धक्का लगा क्योंकि राहुल अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था ,वहाँ कुल सात युवक थे , जिनने तीन ब्रिटिश दो इटालियन और एक अज्ञात युवक था , और जिनके साथ राहुल शराब पी रहे थे . तभी राहुल ने सुकन्या से भी शराब पीने का प्रस्ताव रखा लेकिन सुकन्या ने राहुल का प्रस्ताव ठुकरा दिया , इस से नाराज होकर राहुल और उसके सभी दोस्तों ने मिल कर बारी बारी सुकन्या से बलात्कार किया . उस समय राहुल और उसके दोस्त शराब के नशे में धुत थे . सुकन्या चिल्लाती रही लेकिन किसी ने उसकी आवाज पर और फरियाद पर कोई ध्यान नहीं दिया .
और जब सुकन्या जोर जोर से रोने लगी तो राहुल ने उसे चुप होने के लिए पचास हजार रुपया देने का लालच भी दिया . साथ ही यह धमकी भी दी कि यदि तुम यह बात किसी को बताओगी तो तुम्हारे पूरे परिवार को मार दिया जायेगा .और यह कहकर सुकन्या को गेस्ट हॉउस से बहार भगा दिया .
लेकिन जब सुकन्या अपने घर जा रही थी , तो रास्ते में ही उसे कांग्रेसियों ने पकड़ लिया और घर लेजाकर उसके पिता को अपना मुंह बंद रखने की धमकी देने लगे .इसपर सुकन्या के पिता ने पहले तो सुकन्या को काफी पीटा ,बाद में सुकन्या की माँ सुमित्रा देवी ने सुकन्या को तसल्ली देकर कहा कि मैं अपराधियों को सजा दिलाकर ही रहूंगी .
इसलिए दूसरे दिन सवेरे ही सुकन्या की माँ अमेठी थाने रिपोर्ट लिखवाने गयी तो थानेदार ने उनकी रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया और जाँच करने का भरोसा देकर घर भेज दिया . लेकिन जब काफी दिन हो जाने पर भी पुलिस ने कुछ नहीं किया तो , विवश होकर सुमित्रा देवी ने 27 दिसंबर 2006 को अपने घर एक प्रेस कांफ्रेंस बुलवाई , लेकिन उसमे गिने चुने लोग ही आये थे .फिर भी इस कांफ्रेंस में सुकन्या ने पत्रकारों के सामने सारी घटना सुना दी , कि शायद इस से उसे न्याय मिल जाए . और अपराधी राहुल को उचित सजा देने में आसानी हो सके .लेकिन इस से भी कुछ नही हुआ , क्योंकि मिडिया को सोनिया ने पहले ही खरीद रखा था .
इसके बाद निराश होकर सुमित्रा देवी सुकन्या के साथ दिल्ली चली गयी वहाँ रह कर दो हफ्ते तक राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश से मिलने का प्रयत्न करती रही ,लेकिन वहाँ भी उनको मिलाने की अनुमति नही दी गयी ,
और तब से सुकन्या और सुमित्रा देवी ऐसे गायब हो गए कि किसी को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी .कि वह कहाँ छुपे हैं , ज़िंदा है या मर गए हैं ,कोई नहीं जानता
2-मीडिआ को बलात्कार की खबर थी
लोगों को पहले से ही पता था कि राहुल गांधी अमेठी में रुका हुआ है .इसलिए कई अखबारो और चैनलो के संवाददाता राहुल गांधी को घेरे हुए थे . तभी सवेरे सवेरे उनको लोगों के द्वारा यह चौंकाने वाली खबर मिली कि राहुल गांधी ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर एक कांग्रेसी की लड़की से सामूहिक बलात्कार किया है . यह खबर जंगल की आग की तरह सारे देश में फ़ैल गयी .उस समय अमेठी में जिन अखबारों और टी .वी . चैनलों के संवाददाता मौजूद थे उनके नाम इस प्रकार हैं
a) IBN7
b) Dainik Jagran, Dainik Bhaskar( )
c) Punjab Kesari ( )
d) Hindusthan Times (Hindi)
e) Times of India & Times now
f) NDTV (Hindi)
g) Aaj Tak
h) Star News
i) Nav bharath times
यद्यपि यह खबर 4 दिसंबर सन 2006 को उपस्थित सभी रिपोर्टरों ने अपने अखबारों और चैनलों में प्रसारित कर दी थी . लेकिन उनके मालिकों ने उन पर दवाब डाला कि वह इस खबर को महत्त्व नहीं दें . इसका नतीजा यह हुआ कि राहुल द्वारा किये गए सामूहिक बलात्कार की घटना को मीडिया ने अधिक तूल नहीं दिया .और उसकी जगह अन्य खबरों को प्रसारित करने लगे .
3-सुकन्या के साथ अन्याय
सुकन्या जैसे तैसे रेस्ट हॉउस से भागी और घर आकर अपनी माँ सुमित्रा को सारी घटना बतायी .सुमित्रा देवी बिना किसी देर के सुकन्या के साथ पुलिस थाने गयी ताकि वहाँ शिकायत दर्ज करवा सके . लेकिन वहाँ मौजूद थाना इंचार्ज ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया . इसमें एक दिन बर्बाद हो गया . तब दूसरे दिन सुमित्रा सुकन्या को साथ में लेकर दिल्ली गयी ताकि सोनिया गांधी से न्याय मिल सके . लेकिन सोनिया ने उनको घर से भगा दिया .निराश और परेशान होकर दौनो दिल्ली स्थित मानव अधिकार आयोग के दफ्तर में गए .कि शायद वहाँ उनकी बात सुनी जाये . परन्तु आयोग ने उनको ” अम्बिका सोनी ” और ” सलमान खुर्शीद “के पास भेज दिया .लेकिन जब वहाँ से भी निराशा ही हाथ में आयी तो दौनो “नॅशनल कमीशन ऑफ़ वूमेन ( NATIONAL COMMISION OF WOMEN ) के दफ्तर गए जिसकी अध्यक्षा (chair person)” गिरिजा व्यास ” थी .जिस समय यह माँ बेटी गिरजा व्यास से बात कर रहे थे ,तभी सलमान खुर्शीद ने गिरिजा को फोन से कहा कि सुमित्रा देवी अपनी बेटी के साथ देह व्यापार का धंदा करती है( Sukanya devi with her mother Sumitra devi were running flesh trade) . यह सुनते ही गिरिजा ने दौनों को दफ्तर से बाहर निकाल दिया .
और वहाँ मौजूद कांग्रेसियों को इस बात की खबर मिली तो वह सुमित्रा और सुकन्या को जान से मारने की धमकी देने लगे . यही नही सोनिया के आदेश से कांगरसियों ने यू .पी . सभी रास्तों पर इन दौनों तलाश करना शुरू कर दी , ताकी अगर यह दौनों यू,पी . से भागने का प्रयत्न करें तो , इनको पकड़ कर सोनिया के गुर्गों के हवाले कर दिया जा सके .
इसके आलावा कांग्रेस के मुख्यालय से अमेठी के लोगों को धमकी दी गयी यदि कोई इस घटना के बारे में मुंह खोलेगा तो उसका अंजाम ठीक नहीं होगा . इस धमकी का ही असर था कि मीडिया के जिस व्यक्ति ने इस घटना की रिपोर्ट की थी , वह लोग या तो गायब हो गए या उनको नौकरी से हाथ धोना पड़ा , उदहारण के लिए सी .एन एन (C.N.N. ). और आई .बी .एन( I.B.N. के प्रबंधक श्री द्रुपद (Drupadh) को उनकी नौकरी से निकाल दिया गया . तब से सुमित्रा देवी और सुकन्या अज्ञातवास में ही रह रहे थे .फिर भी लोगों की जानकारी के लिए सुकन्या का पता दिया जा रहा है
Sukanya Devi
23-12 Medical Choke
Sanjay Gandhi Marg,
Amethi,
Raebareli, UP, INDIA
4-राहुल पर बलात्कार का मुकदमा
जब राहुल गांधी और उसके छह दोस्तों के द्वारा 3 दिसंबर 2006 को किये गए सामूहिक बलात्कार को पांच साल से अधिक हो गए तो लोग इस घटना को लगभग भूल गए थे . तभी मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक ” अशोक समरीते ” ने दिनांक 7 मार्च 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में राहुल और उसके छह लोगों पर एक पिटीशन दायर कर दिया . समरीते के वकील विवेक तनखा ने अदालत में राहुल पर सामूहिक बलात्कार और पीड़ित लड़की को बंधक बना कर रखने का आरोप लगाया (Mr Smrite, had alleged that on December 3, 2006 Rahul Gandhi and his six friends who were in Amethi, had wrongfully confined a girl and raped her.
. और अदालत से अनुरोध किया कि वह सी बी आई (C .B .I ) को निर्देशित करे कि सुकन्या का पता करे . लेकिन अदालत ने साक्ष्यों के आभाव में समरीते की पिटीशन को ख़ारिज कर दिया . उलटे समरीते पर 50 लाख रुपये का हर्जाना भी ठोक दिया .साथ में सी .बी .आई को आदेश दिया कि वह दोबारा ठीक से जाँच करे .
यह खबर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में 18 अक्तूबर 2012 में प्रकाशित हुई थी .इसके कारण यह मामला फिर से ठन्डे बस्ते में चला गया .हालाँकि समरीते ने अदालत से कहा कि अदालत ने उनकी पिटीशन को गलत ढंग से ख़ारिज किया है क्योंकि सी .बी आई ने निष्पक्ष रूप से जाँच न
5-राहुल को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
पचास लाख हर्जाना के आदेश के बाद समरीते ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटकाया , और 6 अप्रेल 2011 बुधवार को समरीते का केस जस्टिस वी . एस सिरपुरकर और जस्टिस टी . एस .ठाकुर बेंच में गया .वहाँ से सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और यू . पी सरकार को आदेश दिया कि वह चार हफ्ते के अंदर समरीते द्वारा लगाये आरोपों का जवाब अदालत के सामने प्रस्तुत करे समरीते ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपना आरोप दुहराते हुए कहा कि राहुल गांधी ने सुकन्या और उसके माता पिता को बंधक बना कर किसी गुप्त जगह पर रखा हुआ है .और अदालत पुसिस से कहे कि उनको खोज कर अदालत के सामने पेश करे ..
6-झूठा शपथ पत्र
सब जानते हैं कि राहुल गांधी दोगला ,झूठा अपराधी है . लेकिन जब अदालत ने राहुल को चार हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया तो कांग्रेसियों ने राहुल को बचाने के लिये एक चाल चली .उन्होंने समरीते की पिटीशन के खिलाफ एक ” गजेन्द्रपाल सिंह ” नामके व्यक्ति से एक पिटीशन दायर करवा दी .उसने अदालत के सामने कहा कि बलराम सिंह का रिश्तेदार है .उसने यह भी कहां कि जिस सुकन्या को बलात्कार पीड़ित बताया जा रहा है ,उसका असली नाम ” कीर्ति सिंह ” है .और पिता का नाम बलराम सिंह और माता का नाम “सुशीला ” है .इसके बाद अमेठी के डी . जी .पी . ने उस कीर्ति सिंह नामकी लड़की को अदालत के सामने पेश कर दिया .और कीर्ति सिंह ने शपथ पूर्वक बयां दिया कि न तो मेरे साथ किसी ने कभी बलात्कार किया था और न मेरे माता पिता को किसी ने कभी बंधक बना कर रखा था .कीर्ति ने यह भी कहा कि यह राहुल गांधी जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किसी का षड्यंत्र है जिसकी जाँच होना चाहिए

अंकित कुमार की फेसबुक  वाल  साभार