गुरुवार, 28 मार्च 2019

मोदी ही क्यो| बदलते भारत की तस्वीर भाग 2

#फिर_प्रधानी_आगयी_ससुरी!! Repost!!
हमारे गांव के पुराने प्रधान जी बड़े ही लाजवाब व्यक्ति थे सभी को साध के रखने की कला के महारथी लगातार 4 बार प्रधान चुने गए उससे पहले उनके पिताजी प्रधान थे, क्या हुआ जो गाँव में बिजली नहीं मिट्टी का तेल सबको टाइम पर मिल जाता था ढिबरी जलाने को,
सरकारी जंगल से लकड़ी काटने को कभी किसी ने रोका नहीं सो ईंधन भी भरपूर,
गाँव में कौनसी मोटर कार दौड़तीं सो सड़क की कोई जरूरत कभी उन्ह लगी नहीं सारी चकरोड लोगों ने जोत अपने खेत में मिला डालीं, रोड बनेगी तो गाड़ियां तेज़ चलेंगी और एक्सीडेंट होंगे ये बात पूरे गांव को उन्होंने भली भातिं समझा दी,
गाँव के तीन घरों के 70 मुस्लिम तो उनके सबसे प्रिय थे .....प्रधान जी ने गांव के टूटे फूटे #शिवालय में कभी न सर झुकाया न फूटी कौड़ी उसपर खर्ची ....पर मस्जिद का रंग रोगन वो हर साल करा देते ईद पर टोपी लगा पूरे गांव का चक्कर लगा बकरा चापने फकरुद्दीन के घर जरूर जाते,
जब फकरुआ का लोंडा राम लाल की गाय चुरा काटने पर पकड़ा गया तो प्रधान जी पूरी दया की मूर्ती बन उभरे और राम लाल से कहलवा दिया के बकरी थी गाय नहीं साथ ही पूरे गांव को हिदायत दी कि लोंडा जवानी में भटका भर है कोई चोर वोर नहीं....!
सब बढ़िया ही चल रहा था लोग नदी किनारे हगने जाते पीपल नीचे पादते.....के गुज्जर टोले से एक बयार उठी वहां के पंचायत सदस्य का नाम पूरे गांव में फैल गया के ऊ ससुरा ज़बर कमेरा है....
प्रधान जी बोले बना रहे कल तक हमारे खेत में मजूरी करने वाले कि हमारे सामने का औकात।
गांव के जो लौण्डे अगल बगल के गांव में मजदूरी को जाते उन्ह उन गाँव में सड़क बिजली देख अपने गांव की कमियां खटकतीं..... सो बयार पलट गई जैसे ही चुनाव आया #प्रधान_जी_की_खानदानी_सत्ता गुज्जर टोले के मज़दूर ने पलट डाली....!
पूरे गांव को उसने पलट डाला ....पुराने प्रधान जी के शब्दों में खाने हगने की आज़ादी छीन ली, सड़के बनी तो चकरोड के कब्जे खत्म हो गए... बेचारे किसान के खेत कम हो गए ऊपर से गाड़ियां जे भर्राए दौड़तीं हैं मरेंगे ससुरे दो चार तब पता चलेगा सड़क का मज़ा,
पूरे गांव में बिजली लगा दी मिट्टी तेल बंद बेचारे जो दो चार कोटे का आधा तेल ब्लैक कर अपना रोजगार चला रहे थे बेरोजगार हो गए...बेरोज़गारी बढ़ा दी ससुरे ने,
लोगों को गैस कनेक्शन दे जंगल की लकड़ी चोरी रोक दी...अब खाओ गैस की रोटी सब ससुरे हवा विकार के मरीज़ बनोगे....धुंए से आंखे साफ हो जातीं थी सो अलग....अब लगवाने पड़ेंगे चश्मे तब पता चलेगा.....
सबसे बड़ा गुनाह तो जे किया इस गुज्जर टोले वाले ने फकरुआ के लौण्डे को गाय चोरी में जेल करा दी सब गांव की एकता खतरे में कहता है मस्जिद की पुताई के साथ मंदिर की मरमत भी कराएगा अब भगवान तो सब जगह है मंदिर में कैद थोड़े है कोई ......सब ससुर बामन टोले वालों का पाखंड है वो ही सब मंदिर की कमाई खाएंगे।......
ई गुज्जर टोले वाला कमीन मजूर पूरा गांव खराब कर दिया ....
पहले वाले खानदानी प्रधान थे गाँव चलाना जानते थे जे सब उलट पलट दिया वो खाते थे तो दूसरों को भी चटवा तो देते ही थे.......
प्रधानी का चुनाव फिर आ रहा है अबकी बार पुराने प्रधान की तीसरी पीढ़ी का लोंडा पप्पूआ मैदान में उतरेगा का हुआ जो हाइस्कूल में पांच बार फैल हो गया .....तीन पीढ़ी का प्रधान है। पर गाँव के ससुरे मजूर अब भी ऊ गुज्जर टोले वाले के साथ है कहते है उसी को दोबारा प्रधान बनाएंगे...... भक्त साले!
बड़ा कंफ्यूज़या रहे है किसको प्रधान चुने अबकी।।।।
लेखक: अजय सिंह