गुरुवार, 28 मार्च 2019

मोदी ही क्यो| बदलते भारत की तस्वीर

#मोदीfication
हम भारतीय सामान्यतः मेरा फायदा से आगे कम ही सोचते है..... पर कभी कभी हम देश से जुड़ ही जाते हैं जैसे क्रिकेट मैच में जब कभी भारत की हालत दुबली होती है हम TV के आगे बैठ कोहली को गरियाते हैं.... अबे फलाने को गेंद दे, ओ सुतीये शर्मा की जगह अग्रवाल काहे नहीं खिलाया टाइप..... हमें इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता के कोहली हमसे कहीं बेहतर क्रिकेटर था तभी आज कप्तान बना बैठा है....!
बात इसमें बस इतनी सी होती है के हम देश को जीतते देखना चाहते है..... और भावनाएं उबाल मार देती हैं....!
जब मैं 10th में पढ़ता था देश की हलचलों ने सोच पर असर डालना चालू किया..... अक्सर सोचता अरे यार अपने देश में ऐसा क्यों नहीं हैं.... अमेरिका विकसित देश क्यों है हम क्यों नहीं?, जापान, चीन हमारे साथ चलकर हमसे इतने आगे कैसे निकल गए.....!
अक्सर सवाल मन में उठता के दो टके का मादरजात पड़ोसी मुल्क रोज हमारे यहां आतंकी हमले कराता है कभी मुम्बई, कभी अक्षरधाम, तो कभी संसद...... इज़राईल जैसा ज़रा सा मुल्क पलट के पिछवाड़े में मिसाइल गाड़ देता है....... हम क्यों जवाब नहीं दे पाते कभी....!
चीन में सबके सर पर छत, हर पेट को खाना हैं हमारे देश में क्यों नहीं......!
जापान में चमचमाती सड़कें, निर्बाध विद्युत भारत में क्यों नहीं......!
जब विदेश गया तो देखा अमेरिकन, यूरोपियन लोगों के लिए एयरपोर्ट पर रवैया हम भारतीयों की तुलना में बिल्कुल अलग था..... साली हमारी इज़्ज़त दो टके की काहे भाई...हमें पाकिस्तानियों के साथ जोड़ "पैकी" ही बुलाते हैं वहां..!
इतनी पुरातन, इतनी समृद्ध संस्कृति होने पर भी हमारी पहचान वही सपेरों के मुल्क की....!
जब कभी इस पर बहस होती अंतिम निष्कर्ष यही होता...... "यार अपने देश की नेताओं ने मार रखी है.... सब के सब मादर#$@ हैं साले"
पर अगर नेता ये हैं तो उन्ह चुनने वाले हम क्या हैं...... उनको चुना किसने!!!
फिर एक बात और आती "जे हिंदुस्तान है ऐसे ही चलेगा" क्यों भिया काहे चलेगा.... तो ठीक है तुम जिम्मेदारी उठाओ देश बदलने की ..... लेकिन मैं एक अदना सा गरीब आदमी, रोटी कपड़े की लड़ाई में उलझा....
में सपना ही देख सकता था के अगर मैं प्रधानमंत्री बन जाऊं तो ये कर दूंगा, वो बदल दूंगा..... लेकिन सिर्फ सपना..... लेकिन इन सपनों को पंख देता है एक आदमी .... #नरेंद्र_दामोदर_दास_मोदी....!
ये व्यक्ति अपनी बातों से, अपने कामों से यक़ीन पैदा करता है..... हाँ में वो भारत बनाऊंगा जिसका तुम सपना देखते हो.... एक सशक्त खुशहाल भारत, एक भारत जो दुनियां की आंख में आंख डाल बात करे, एक भारत जिसे दुनियाँ उम्मीद भरी नज़र से देखे, एक भारत जिसमें भूंख, भय न हो........ मोदी सिर्फ एक नेता, एक प्रधानमंत्री से ज्यादा मेरे जैसे करोड़ों भारतीयों की उम्मीद हैं....उम्मीद की हाँ यही वो व्यक्ति है जो हमारे #सपनों_का_भारत बनाएगा.... और बस इतना कारण पर्याप्त है मोदी भक्त होने के लिए.... कल बंगाल में मोदी के लिए जुटी भीड़ इन्हीं सपना देखने वालों की थी, उन लोगों की जिनके लिए मोदी ही उनकी आवाज भी हैं और सुनवाई भी....!
मेरा वोट मेरे सपनों के भारत को, #मेरा_वोट_मोदी_को!
लेखक: अजय सिंह