सोमवार, 1 अप्रैल 2019

खून की दलाली और कांग्रेस

#_खून_की_दलाली_की_प्यासी_कॉन्ग्रेस
1984 के लोकसभा चुनाव। गली गली में काँग्रेस का प्रचार करती गाडियां। लाउड स्पीकर पर था इंदिरा गाँधी के भाषण का एक अंश.. "मैं कल रहूँ ना रहूँ, मेरे खून की एक एक बूँद इस देश के काम आयेगी." पूरा चुनाव हत्या की सहानुभूति पर लड़ा गया।
परिणाम था 414 सीटें।
इसे कहते हैं खूनकी दलाली !
पप्पू सुनो जरा
खून की दलाली भाग - 1
खून की दलाली शुरू होती है अल्फ्रेड पार्क इलाहाबाद से जहाँ से तुम्हारे नाना ने तुम्हारे इस खानदानी धंधे की नींव रखी थी।
और वो पहला खून जिसकी दलाली तुम्हारे बाप के नाना ने खाई वो खून इस मिटटी के सच्चे सपूत चन्द्रशेखर आजाद का था।
आज केवल पप्पू सुनेगा और पूरा देश बोलेगा।
खून की दलाली भाग -2
क्रान्तिकारियों के खुन की दलाली करते करते धंधे में पैर ऐसे जमे की सत्ता के लालच में देश को तोड़ के लाखो लोगों को निगल गए और डकार तक नही ली थी, और आजादी के बाद तुम्हारे खानदान की पहली खून की दलाली की बड़ी डील थी भारत की आजादी की मेरुदण्ड सुभाष चन्द्र बोस ।
ये तुम खानदान के धंधे की पहली अंतर्राष्ट्रीय डील थी।
अब तुम इस धंधे के किंग बन चुके थे ।
वैसे बापू को चौथी गोली किसने मारी उसका राज आज तक नही खुला है। (औफिसियली)
आज पप्पू को सुनना ही होगा
खून की दलाली भाग - 3
पाकिस्तान में जुल्फिकार अली भुट्टो लोकतन्त्र की नई रौशनी ले के आया था और तुम्हारे खानदान से उसकी दोस्ती जगत प्रसिद्ध थी ।
उस वक्त अयूब खान वहाँ का फौजी जनरल था।
इधर नेहरू की मौत के बाद गुलजरीलाल जी PM बन गए थे।
भुट्टो ने तुम्हारी दादी को गद्दी दिलाने में मदद नहीं की, तब अयूब खान के साथ मिल के भुट्टो के खून की दलाली खाई थी।
जब अयूब खान पहला फौजी शाशक बना पाकिस्तान का,और इधर शास्त्री जी गद्दी पर आ गए थे ।
अब बारी अयूब खान की थी अहसान चुकाने की ।
तुम लोगों ने शास्त्री जी को गद्दी से उतार के तुम्हारी दादी को गद्दी दिलाने के लिए अयूब खान के साथ बड़ी घुसपैठ का सडयंत्र रचा ।
65 के युध्द का दो दिन पहले तक तात्कालिक वायुसेना अध्यक्ष तक को पता नही था (यूट्यूब पर उसका इंटरव्यू देख सकते है)।
अयूब खान ने जनरलों को बताया था की इण्डिया जवाबी कार्यवाही नही करेगा । प्लान ये था तुम्हारा कि पाकियो की घुसपैठ और कुछ जवानों के खून की दलाली खाने के बाद दबाव बना के शास्त्री जी को गद्दी से उतार के तुम्हारी दादी को बैठ दिया जाएगा और अयूब खान को बदले में कश्मीर में कुछ और हिस्सा मिल जाएगा ।
मगर शास्त्री जी निकले इस देश की मिटटी के सच्चे सपूत । सेना को LOC क्रॉस कर के लाहौर तक घुसने के आदेश दे दिए।
उस वक्त भारतीय आर्मी चीफ जनरल चौधरी ने कहा था कि ये एक बहुत छोटे कद के इंसान का बहुत बड़ा फैसला था (Gen चौधरी की autobiography से)।
बाजी तुम्हारी दादी और पकिस्तान के हाथ से निकल चुकी थी।
सेना लाहौर में थी।तब अयूब खान रूस भागा और सब सच बताया,तब वहाँ शास्त्री जी को ताशकन्द में बुलाया गया और समझौते के नाम पर तुम्हारी सब साजिश उनके सामने खोली गई और जनरल अयूब ने माफ़ी माँगते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने के लिए गिड़गिड़ाया था।
तब हमारी सेना ने जीते हुए प्रदेश छोड़ के वापस LOC तक आ गयी।
जब तुमको ये लगा कि अब शास्त्री जी तुम्हारी पोलपट्टी जनता के सामने खोल देंगें तब तुम लोग वहीं ताशकन्द में ही धोखे से भारत के सच्चे सपूत के खून की दलाली खा गए ।
भागना मत पप्पू अभी तो कथा शुरू हुई है
खून की दलाली भाग - 4
पंजाब में अकालियों का वर्चस्व खत्म कर अपनी सत्ता की भूख के लिए भिंडारवाले को खड़ा कर सम्पूर्ण पंजाब के हर एक घर के जवान के खून की दलाली किसने खाई थी ?
1984 में जब तुम्हारी दादी की लाश की अंतिम क्रिया से पहले तुम्हारे बाप ने गद्दी पर बैठ के दिल्ली की गलियो में जो सिख्खों के खून की दलाली शरू करवाई थी,क्या उसे किसी सबूत की आवश्यकता है ?
भोपाल गैस त्रासदी में वारेन एंडरसन को देश से भगा के 15,000 लोगो के खून की दलाली किसने खाई थी
पप्पू बोलो
और कितने नाम गिनाऊँ
संजय गांधी , राजेश पायलट, माधवराव सिंधिया, राजशेखर रेड्डी , DRDO के दस परमाणु वैज्ञानिक ,पाक से साठगांठ के चलते आतंकियों के मार्फत बोर्डर पर पे हजारों जवानो के खून की दलाली।
बिना तैयारी देश को चीन के साथ युद्ध में झोंक के हजारों बहादुर फौजियों के खून की दलाली !

साभार
रुद्र अनीश

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