शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

कांग्रेस ने कभी भारत का विकास चाहा ही नही

कांग्रेस ने कभी नहीं चाहा कि भारत का विकाश हो भारत में समृद्धि आए समानता आए, बेरोजगारी कम हो, एक भारतीय सम्मान के साथ जीवन निर्वाह कर सके,,
अपनी इस नीति को नियमित बनाए रखने के लिए कांग्रेस के नीतिनिर्माताओ ने भी अंग्रेजो की नीति का अनुसरण किया, कानून ही ऎसे बनाए कि एक साधारण भारतीय कुछ बड़ा करने का विचार भी न करें, यदि अपवाद स्वरूप कोई प्रयास भी करें तो सरकारी दफ्तरों में सुविधा शुल्क का ऎसा जाल रचाया गया कि बड़े से बड़े अपवाद भी इनके समक्ष व्यथित हो जाते, ऊपर से बैंकिंग क्षेत्र की मनमानी,
मोदी राज से पहले भारत में एक कम्पनी पंजीकरण के लिए 54000 रु व 16 विभागों से No Objection certificate लेना होता था आप समझ सकते हैं कि भारत में एक कंपन्नी लगाने में सबसे बड़ा काम ही NOC लेना होता था सरकारी बाबु जूतीया घिसा देते थे,
कुल तात्पर्य यह कि इन काले अंग्रेजों की नीतियों के कारण भारत में आधारभूत औद्योगिक ढांचा निर्मित ही न हो पाया,
जो आपको आज कारखानो के खंडहर औद्योगिक क्षेत्रों के नाम से दिखाई देते हैं, उन्हे खोखली बुनियाद पर ही बनाया टिकाया गया था, परिणाम आपके सामने है, लोगो ने सिस्टम से लड़ कर कारखाने बना तो लिए लेकिन अनियमित टैक्स , चुंगी, इंस्पेक्टर राज,, सरकारी सिस्टम में अंदर तक घुसा भ्रष्टाचार, इन कारखानों को जल्द ही निगल गया, ये जो बैंक का अधिकांश धन डूबा हुआ है उसके पीछे एसी ही विडंबनाओं का हाथ है,,,.
इन कारखानों के नाम पर बहुत बड़ी मात्रा में राजनेताओं ने अपने स्विस अकाउंट भरे,,
आप समझ सकते हैं, एसी परिस्थितियों में एक साधारण ग्रामीण की क्या हिम्मत थी कि अपना रोजगार खड़ा कर सके, उसका पंजीकरण करा सके सरकार को टैक्स दे सके, जब चोरी से कारखाना चलाएगा तब निश्चित ही टैक्स चोरी करेगा अधिकारियों से डरेगा, अधिक मार्जन के लिए घटिया उत्पाद निर्मित करेगा, और अंत में विदेशी कंपनियों से क्वालिटी के स्तर पर हार जाएगा,,
मोदी जी के आने से पहले यही सब चल रहा था, मोदी जी जमीनी स्तर से उठा हुआ व्यक्तित्व है, उन्होंने अपने चारो ओर नीतियों की असफलता को देखा है शायद भोगा भी हो, इसीलिए सत्ता में आने के बाद बहुत बड़े स्तर पर सिस्टम में सुधार का प्रयास किया,, एक झटके से बदलाव करते तब व्यवस्था के क्रेश हो जाने का भय था इसलिए कानूनों में बदलाव से आरंभ किया,,
आज मात्र 2000 रुपये के पंजीकरण शुल्क में कोई भी अपनी उत्पादन संस्था पंजीकृत करा सकता है,, GST के आने के बाद कुछ छिपाने की आवश्यकता नहीं रही जितना उत्पादन हो रहा है जितनी बिक्री हो रही है उसका लेखा जोखा रखो, सालाना 20 लाख रुपये के कारोबार तक कोई टैक्स ही नहीं है, बिजली का कनेक्शन मात्र 21 दिन में लग जाता है किसी समस्या की स्थिति में 1912 पर फोन करिए जब तक आप संतुष्ट नहीं होंगे तब तक फोन कर कर के आपसे पूछा जाएगा,,
ISO प्रमाण पत्र लेना आसान हो गया है, बैंक पहले ही मुद्रा ऋण के रूप में सहयोग करने को तत्पर है
लेख पढने के बाद आप समझ गए होंगे कि मोदी जी किसी को भीख में कुछ नहीं देना चाहते मोदी जी चाहते हैं प्रत्येक भारतीय सम्मान पूर्वक अपना जीवन जीए सुख से जिए संतुष्टि से जिए,,
अभी तो सिस्टम की सड़न दूर हो पाई है, भारत भूमि को सुगंधित करने के लिए मोदी जी का सहयोग करो...
भाजपा को वोट करो....
वंदेमातरम्
अरविंद सैनी

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